देश की सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक आफ इंडिया (SBI) ने IMPS ट्रांजैक्शन को लेकर बड़ा बदलाव किया है।
अब से एक तय रकम से ज्यादा पैसे भेजने पर एसबीआई के ग्राहकों को शुल्क देना होगा।
SBI ने IMPS चार्ज सिस्टम में किया बदलाब
SBI की करोड़ों ग्रहों के लिए IMPS (Immediate Payment Service) से जुड़ी एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आई है। बैंक ने साफ कह दिया है कि अब से ऑनलाइन IMPS ट्रांसएक्शन पूरी तरह से मुफ्त नहीं रखा जाएगा। खासतौर पर बड़ी रकम ट्रांसफर करने वालों को अब अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
कब से लागू होंगे नए चार्ज?
SBI के मुताबिक,
15 फरवरी 2026 से नया IMPS चार्ज सिस्टम लागू किया जाएगा।
इसके बाद इंटरनेट बैंकिंग और Yono SBI से भी की जाने वाली कुछ आईएमपीएस ट्रांजेक्शन पर शुल्क लगेगा।
पहले क्या सुविधा मिल रही थी?
अब तक SBI ग्राहक:
- YONO ऐप या इंटरनेट बैंकिंग से
- ₹5 लाख तक IMPS
- बिना किसी शुल्क के कर पाते थे
ऑनलाइन IMPS पर नया चार्ज स्ट्रक्चर
अब से ₹25,000 से ज्यादा की ऑनलाइन IMPS ट्रांजैक्शन पर चार्ज लगेगा।
ऑनलाइन IMPS चार्ज चार्ज (YONO/ Internet Banking):
- ₹25,000- ₹1 लाख: ₹2+ GST
- ₹1,00000- ₹2 लाख: ₹6+GST
- ₹2 लाख - ₹5 लाख: ₹10+GST
उदाहरण के लिए:
अगर आपन ₹3 लाख IMPS सिस्टम से भेजते है, तो ₹10+GST आपको अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
अच्छी बात यह है कि ₹25,000 तक की IMPS ट्रांजैक्शन अभी भी फ्री ही रखी जाएगी।
बैंक ब्रांच से IMPS करने पर क्या बदलेगा?
जो ग्राहक स्टेट बैंक आफ इंडिया की शाखा जाकर IMPS करते हैं, उनके लिए चार्ज पहले जैसा ही रहेगा।
ब्रांच IMPS चार्ज:
- ₹1,000 तक: फ्री (निःशुल्क)
- ₹1,000 - ₹1 लाख तक: ₹4+GST
- ₹1 लाख - ₹2 लाख तक: ₹12+GST
- ₹2 लाख - ₹5 लाख: ₹20+GST
यानी ऑनलाइन IMPS अभी भी ब्रांच से सस्ती रहेगी।
किन खातों को मिलेगी छूट?
SBI ने कुछ खातों को IMPS चार्ज से बाहर रखा है:
- Salary Package Account (DSP, PMSP, CGSP आदि)
- Shourya Family Pension Account
- SBI Rishta Account
- CSP, SGSP, SUSP Account
इन सभी खतों में ऑनलाइन IMPS पूरी तरह से फ्री रखा जाएगा।
ग्राहकों के लिए जरूरी सलाह
- छोटी रकम (₹25,000 तक) भेजने पर कोई चार्ज नहीं देना होगा
- बड़ी रकम भेजने से पहले चार्ज जरुर देख ले
- जरूरत पड़ने पर NEFT या RTGS विकल्प पर भी विचार कर सकते हैं
MP News Media का निष्कर्ष
MP News Media के अनुसार, SBI का यह कदम डिजिटल बैंकिंग की लागत को संतुलित करने की दिशा में अहम रोल निभाएगा। आम ग्राहकों पर इसका असर सीमित रहेगा, लेकिन नियमित रूप से बड़ी रकम ट्रांसफर करने वालों को अब अतिरिक्त शुल्क देने का ध्यान रखना होगा।
