![]() | |
| प्रतीकात्मक चित्र: भोपाल के सरकारी अस्पतालों में बच्चों के अनुकूल वैक्सीनेशन रूम शुरू |
भोपाल। इस संभाग से बच्चों के टीकाकरण की प्रक्रिया आसान और डरमुक्त बनाने के लिए यह नई पहल शुरू की गई है।
अभी वैक्सीन (सुई) लगवाने के नाम से बच्चों को रोना नहीं पड़ेगा, बल्कि वे खिलौनों के साथ खेलते और कार्टून के अदभुत दृश्य को देखते हुऎ टिका लगवा सकेंगे।
राजधानी के तीन सरकारी अस्पतालों में ऐसे मॉडल वेक्सिनेशन रूम शुरु किए गए है।
इन अस्पतालों में शुरू हुई नई सुविधा
भोपाल के जिन अस्पतालों में बच्चों के लिए खास वेक्सिनेशन रूम बनाए गए हैं वे ये है:
- केएनके अस्पताल
- सिविल अस्पताल, गोविंदपुरा
- जेपी अस्पताल
इन सेंटरों पर राष्ट्रीय टिकाकरण कार्यक्रम की सभी जरूरी वैक्सीन एक ही जगह पर मिल जायेगी।
खिलौनों और कार्टून से सजा माहौल
- इस वेक्सिनेशन रूम को बच्चों की अनुकूल बनाया गया है, ताकि उनका डर कम हो सके और उन्हें वेक्सिनेशन के समय कोई भी दिक्कत ना हो:
- रंग-बिरंगे कार्टून वॉलपेपर
- खेलने के लिए खिलौने
- अलग प्ले एरिया और वेटिंग एरिया
जैसी सभी सुविधाएं दी गई हैं। इससे बच्चों को अस्पताल जैसा डर नहीं रहेगा।
टीकाकरण का समय
इन मॉडल वेक्सिनेशन रूम में:
- रोजाना सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक
टीकाकार किया जाएगा।
यह वैक्सीन यहां लगेंगी
स्वास्थ्य विभाग की अनुसार, इन केंद्रों पर बच्चों को कई गंभीर बीमारियों से बचाने वाले टीके लगाये जाएंगे, जिनमें शामिल है:
- टीबी
- हेपेटाइटिस- बी
- पोलियो
- खसरा
- रोटावायरस
- जापानी इंसेफेलाइटिस
- टिटनेस, डिप्थीरिया, काली खांसी
- न्यूमोकोकल निमोनिया
किसे मिलेगा लाभ
इन वैक्सीन रूम में:
- 0 से 5 साल तक के बच्चों की सभी जरूरी वैक्सीन
- 10 और 16 साल की उम्र में लगने वाली टीडी वैक्सीन
- गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण
भी किया जा सकेगा।
अभिभावकों को बड़ी राहत
अब किसी भी बच्चे के माता-पिता को अलग-अलग तारीखो और अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। एक ही जगह और तय समय पर सभी जरूरी टीके लगाये जा सकेंगे।
MP News Media क्या कहता है
MP News Media के अनुसार, बच्चों के लिए बनाई गई यह मॉडल वेक्सिनेशन रूम स्वास्थ्य सेवाओं को मानवीय और आसान बनाने की दिशा में एक अच्छा कदम है। इससे टिकाकरण का डर लगभग समाप्त हो जाएगा, और अधिक से अधिक बच्चे समय पर वैक्सीन लगवा सकेंगे। भविष्य में होने वाली गंभीर बीमारियों से बच सकेंगे।
