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MP Teacher Recruitment Update: अब एक ही परीक्षा से होगी शिक्षक भर्ती, पात्रता परीक्षा के अंकों से बनेगी मेरिट

MP Teacher Recruitment News: मध्यप्रदेश में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में बदलाव की तैयारी है। अब पात्रता परीक्षा के अंकों के आधार पर ही मेरिट सूची।
मध्यप्रदेश में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में बदलाव की तैयारी
मध्यप्रदेश में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए नए प्रस्ताव पर विचार
भोपाल, 9 मार्च 2026। मध्यप्रदेश में सरकारी स्कूलों में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में बदलाव की तैयारी चल रही है। स्कूल शिक्षा विभाग ने भर्ती प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए नया प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्ताव के अनुसार अब शिक्षक बनने के लिए दो अलग-अलग परीक्षाओं की जगह केवल एक पात्रता परीक्षा (Teacher Eligibility Test) के आधार पर ही मेरिट सूची तैयार की जा सकती है।

बताया जा रहा है कि इस प्रस्ताव को आगे की प्रक्रिया के लिए मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) को भेजा जा रहा है। यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो आने वाले समय में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पहले से आसान हो सकती है।

अभी कैसे होती है शिक्षक भर्ती

वर्तमान व्यवस्था में शिक्षक बनने के लिए उम्मीदवारों को पहले शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करनी होती है।

इसके बाद भर्ती निकलने पर उम्मीदवारों को अलग से भर्ती परीक्षा में शामिल होना पड़ता है। यानी उम्मीदवारों को दो अलग-अलग परीक्षाएं देनी पड़ती हैं।

इस प्रक्रिया के कारण उम्मीदवारों को दो बार आवेदन करना पड़ता है और दोनों परीक्षाओं की तैयारी भी अलग-अलग करनी पड़ती है।

नई व्यवस्था से प्रक्रिया होगी सरल

प्रस्तावित बदलाव के तहत शिक्षक भर्ती के लिए केवल पात्रता परीक्षा के अंक ही आधार बन सकते हैं।

इसी परीक्षा के परिणाम के आधार पर मेरिट सूची तैयार की जाएगी और उसी के अनुसार भर्ती की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

इस बदलाव से उम्मीदवारों को अलग से भर्ती परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और पूरी प्रक्रिया पहले की तुलना में आसान हो सकती है।

लाखों अभ्यर्थी देते हैं पात्रता परीक्षा

मध्यप्रदेश में आयोजित होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा में हर साल बड़ी संख्या में उम्मीदवार शामिल होते हैं। अनुमान के अनुसार इस परीक्षा में करीब 5 से 6 लाख अभ्यर्थी भाग लेते हैं।

पहले पात्रता परीक्षा के बाद भर्ती परीक्षा के लिए अलग से आवेदन करना पड़ता था, जिससे उम्मीदवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ता था।

2011 से लागू है पात्रता परीक्षा

देश में शिक्षा का अधिकार (RTE) कानून लागू होने के बाद वर्ष 2011 से शिक्षक पात्रता परीक्षा अनिवार्य कर दी गई थी। इसके बाद से शिक्षक भर्ती में पात्रता परीक्षा को महत्वपूर्ण माना जाने लगा।

मध्यप्रदेश में भी समय-समय पर शिक्षक भर्ती परीक्षाएं आयोजित होती रही हैं, जिनमें पात्रता परीक्षा पास करना जरूरी होता है।
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पात्रता परीक्षा के अंक रहेंगे वैध

स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार नई व्यवस्था में पात्रता परीक्षा के अंक लंबे समय तक मान्य रह सकते हैं। उम्मीदवार चाहें तो भविष्य में अपने अंक बेहतर करने के लिए दोबारा परीक्षा में शामिल हो सकेंगे।

विभाग का मानना है कि इससे भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बन सकती है।

About the author

Nishant Kumar
Nishant Kumar is a digital news editor at MP News Media. He covers Madhya Pradesh news including weather updates, education, government alerts, and public interest stories.

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