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MP Mid Day Meal में बड़ा घोटाला! बच्चों की थाली में दाल नहीं, परोसा गया पीला पानी – Barwani से सामने आई शर्मनाक तस्वीर

बड़वानी के स्कूल में मिड-डे-मील में बच्चों को दाल की जगह पीला पानी दिया गया। वायरल वीडियो ने MP Mid Day Meal योजना में भ्रष्टाचार उजागर किया।
MP Mid Day Meal घोटाला: बड़वानी के स्कूल में बच्चों को दाल की जगह पीला पानी परोसा गया
बड़वानी जिले के स्कूल में मिड-डे-मील के नाम पर बच्चों को पीला पानी परोसे जाने का मामला

बड़वानी। मध्य प्रदेश में बच्चों के पोषण के लिए चलाई जा रही मिड-डे-मील योजना एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है।
बड़वानी जिले के एक प्राथमिक स्कूल से कई तस्वीरें और वीडियो सामने सामने आई है जो हर किसी को झकझोंर देने वाली है।

यहां बच्चों को खाने के नाम पर न दाल मिली, न सब्जी। थाली में सिर्फ हल्का पीला पानी और कुछ गिने-चुने आलू के टुकड़े दिखाई दिए।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो ने सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा फर्क उजागर कर दिया है।

Barwani News: कहां का है पूरा मामला?

यह मामला बड़वानी जिले के लोनसरा गांव के एक प्रायमरी स्कूल से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।
स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को रोजाना मध्यान भोजन के नाम पर ऐसा भोजन दिया जा रहा है। जिसका वीडियो सामने आया है, वह पोषण से कोसो दूर नजर आ रहा है।

Mid Day Meal के नाम पर क्या परोसा गया?

वायरल वीडियो और तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि:
  • दाल इतनी पतली थी की उसे दाल कहना भी मुश्किल
  • थाली में बस हल्का पीला पानी
  • कुछ छोटे-छोटे आलू के टुकड़े
  • न रोटी, न चावल, न सब्जी
यह समस्या न सिर्फ बच्चों के स्वास्थ्य के लिए खतरा है बल्कि सरकारी योजनाओं की गंभीर अनदेखी को भी दर्शाता है।

जांच व्यवस्था पर उठे सवाल

मध्यान भोजन योजना के तहत भोजन की गुणवत्ता जांच के लिए समय समय पर निरीक्षण टीम भेजे जाने का प्रावधान है।

लेकिन सवाल यह है कि:
  • क्या वास्तव में इसकी जांच हो रही है
  • या फिर सिर्फ कागजों में खानापूर्ति?
  • पहले शिकायतों के बाद भी सुधार क्यों नहीं हुआ?
स्थानीय शिक्षा समिति से जुड़े लोगों का कहना है की पहले भी निरीक्षण हुआ था लेकिन हालात में कोई भी ठोस बदलाव नहीं दिखा।

स्कूल प्रशासन ने क्या कहा?

स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या करीब 17 बताई जा रही है।

शिक्षकों की ओर से यह तर्क दिया गया कि:
  • आटा उपलब्ध नहीं था
  • इसलिए उस दिन भोजन नहीं बन पाया
वहीं मध्यान भोजन प्रभारी ने फोन पर यह कहकर बात टाल दी कि
"आज बच्चों को बिस्कुट दे दीजिए, बाद में हिसाब कर देंगे।"

पहले भी हो चुकी है शिकायतें

स्थानीय लोगों के मुताबिक:
  • इस स्कूल के भोजन व्यवस्था को लेकर पहले भी कई शिकायतें जा चुकी हैं
  • नोटिस और चेतावनी दी गई
  • लेकिन जमीनी स्तर पर कोई भी सुधार नहीं देखा गया
इससे साफ है की मामला सिर्फ लापरवाही का नहीं बल्कि गंभीर भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।

MP News Media View

MP News Media के अनुसार,
अगर बच्चों के पोषण से जुड़ी योजनाओं में इस तरह की लापरवाही होती रही तो इसका सीधा असर बच्चों के स्वास्थ्य और भविष्य पर पड़ेगा।
इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई और पूरे सिस्टम की जांच जरूरी है।

About the author

Nishant Kumar
Nishant Kumar is a digital news editor at MP News Media. He covers Madhya Pradesh news including weather updates, education, government alerts, and public interest stories.

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