खरगोन। मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कसरावद तहसील और आसपास के ग्रामीण इलाकों में तेज हवा, आंधी और ओलावृष्टि के कारण खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।
मंगलवार, तारीख 27 जनवरी 2026 को करीब 15–20 मिनट तक चली तेज आंधी और ओलों की बारिश ने खेतों में तैयार खड़ी मक्का, गेहूं और चना की फसल को नुकसान पहुंचाया।
मक्का की फसल खेतों में गिरी, गेहूं की बालियां टूटीं
स्थानीय किसानों के अनुसार, तेज हवाओं के कारण मक्का की फसल पूरी तरह जमीन पर गिर गई, जिससे उसकी दोबारा रिकवरी मुश्किल मानी जा रही है।
वहीं, गेहूं की बालियां टूटने से उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है, जबकि चना की फसल को भी नुकसान हुआ है।
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ग्रामीण इलाकों में ओलों की मोटी परत
कसरावद क्षेत्र के कई गांवों — जैसे दोगांवां छोटी, अहील्यापुरा और गवाला — में ओलावृष्टि के बाद खेतों पर ओलों की सफेद परत दिखाई दी। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ समय के लिए खेतों का दृश्य पूरी तरह बदल गया।
किसानों ने प्रशासन से मांगी मदद
प्रभावित किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि:
- नुकसान का तत्काल सर्वेक्षण कराया जाए
- प्रभावित किसानों को मुआवजा और राहत दी जाए
- फसल नुकसान का आकलन जल्द पूरा किया जाए
किसानों का कहना है कि यदि समय पर सहायता नहीं मिली तो उनकी आर्थिक स्थिति पर गहरा असर पड़ सकता है।
मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। किसानों को सतर्क रहने और मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
MP News Media की जानकारी
MP News Media के अनुसार, बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसल नुकसान की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे किसानों की आय पर असर पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हालात में सरकारी राहत और समय पर सर्वे बेहद जरूरी है।
