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| भोपाल में किसान सम्मेलन के दौरान किसानों को संबोधित करते मुख्यमंत्री मोहन यादव। |
भोपाल। मध्य प्रदेश राज्य के किसानों के लिए आने वाला समय राहत भरा हो सकता है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित किसान सम्मेलन के दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संकेत दिये हैं की प्रदेश में गेहुं की कीमतों में उछाल आएगी। सरकर का कहना है की खेती को लाभ का काम बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
साल 2026 बनेगा "कृषक कल्याण वर्ष"
मुख्यमंत्री ने ऐलान किया है कि साल 2026 को मध्य प्रदेश में "कृषक कल्याण वर्ष" के रूप में मनाया जाएगा। इसका मुख्य उडदेशय किसानों को बेहतर दम नई सुविधाएं और स्थाई आमदानी के अवसर देना है। सरकर ने साफ किया है कि इस साल किसान केंद्र के अंदर ही रहेेंगे।
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गेहूं की MSP बढ़ाने की है तैयारी
सीएम मोहन यादव ने बताया है की आने वाले वर्षों में गेहूं की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को स्टेप बाय स्टेप तरीके से बढ़ाया जाएगा। मध्य प्रदेश सरकर का लक्ष्य है कि 2028 से पहले गेहुं का दम 2700 प्रति क्विंटल तक पहुंचा दिया जाए ताकि किसानों को उनकी मेहनत का सही मूल्य प्राप्त हो सके।
सरसों किसानों को भी मिलेगा भावांतर
सरकार ने एक और अहम फैसला लेटे हुऎ कहा है कि अब सरसों की फसल को भी भावांतर योजना में शामिल किया जाएगा, इससे सरसों किसानों को बाजार भाव और MSP के अंतर पर भरपाई मिल सकेगी। यह योजना पहले सीमित फसलों तक थी लेकिन अब इसका दायरा बढ़ने की तैयारी है।
फसल बदलने की दी सलाह
मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने किसानों से अपील की है कि वे एक ही फसल पर निर्भर ना रहे बल्कि उन्होंने उड़द और मुंगफली जैसी फसलों को अपनाने की भी सलाह दी है जिससे जोखिम कम होगा और बाजार में बेहतर विकल्प मिल सकेंगे।
खेती को सस्ता और आसान बनाने की है तैयारी
सरकार ने खेती में लगने वाली लागत को घटाने के लिए कई योजनाओं पर काम करने की बात कही है। आने वाले समय में一
- किसानों को सोलर पंप दिये जाएंगे
- बिना ब्याज के फसल ऋण की सुविधा उपलब्ध रहेगी
- फसलों की सिंचाई और उत्पादन बढ़ने पर फोकस रहेगा
बड़ी संख्या में किसान हुए शामिल
प्रदेश की राजधानी भोपाल में हुए इस सम्मेलन में राज्य भर से किसान पहुंचे कार्यक्रम से पहले ट्रैक्टर रैली भी निकाली गई जिसमें किसानों की भागीदारी और उत्साह साफ नजर आया।
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MP News Media क्या कहता है?
MP News Media के अनुसार, गेहूं की कीमत बढ़ाने और सरसों को भावांतर योजना में लाने की संकेत किसानों के लिए सचमच लाभदायक होंगे। अब निगाहे इस बात का इंतजार कर रही है कि इन घोषणाओं पर जमीन पर कितना और कब तक अमल होता है।
