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| मध्यप्रदेश में राशन वितरण प्रणाली में बड़ा बदलाव, अब ट्रक की GPS ट्रैकिंग और चेहरे से पहचान के जरिए मिलेगा राशन |
भोपाल। मध्य प्रदेश में अब सरकारी राशन व्यवस्था को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है राज्य सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को पूरी तरह ट्रांसपेरेंट और टेक्निकल आधारित बनाने की तैयारी में है। इस नई व्यवस्था के तहत अब जैसे ही किसी व्यक्ति को राशन दिया जाएगा, उसी समय उसके मोबाइल पर एक SMS आएगा।
इसकी साथ ही गोदाम से दुकान तक अनाज ले जाने वाले ट्रकों की भी लाइव GPS से ट्रैकिंग की जायेगी, ताकि रास्ते में होने वाली चोरी पर रोक लगाई जा सके।
राशन मिलते ही आएगा SMS अलर्ट
नई व्यवस्था में हितग्राही को राशन मिलते ही उसके लिंक मोबाइल नंबर पर मैसेज भेजा जाएगा, इस SMS में साफ लिखा होगा一
- आखिर कितना गेहूं दिया गया
- कितना चावल या अन्य अनाज मिला
- किस दिन और किस दुकान से राशन प्राप्त किया
इससे लोगों को तुरंत पता चल जाएगा कि उन्हें राशन मिल चुका है या नहीं। अगर कहीं कटौती हुई तो शिकायत करना भी आसान होगा।
ट्रक में लदते ही शुरू होगी GPS ट्रैकिंग
राज्य सरकार ने राशन सप्लाई की पूरी चैन को डिजिटल करने का फैसला लिया है।
अब जैसे ही अनाज गोदाम से ट्रक में लोड होगा一
- ट्रक की लाइव GPS ट्रैकिंग चालू हो जायेगी
- इसमें रिकॉर्ड रहेगा कि अनाज कहां से चला और कहां उतरा
- कहीं रास्ते में अनाज गायब होने या दूसरी जगह उतरने की गुंजाइश लगभग खत्म हो जायेगी
अधिकारियों के मुताबिक, इससे राशन चोरी की बड़ी समस्या पर सीधा लगाम लगेगा।
2015 के बायोमेट्रिक सिस्टम से बुजुर्ग परेशान
मध्य प्रदेश में सन् 2015 से राशन दुकानों पर फिंगरप्रिंट आधारित बायोमेट्रिक सिस्टम लागू किया गया था, लेकिन समय के साथ इसकी सीमाएं सामने आईं।
- बुजुर्गों के अंगुलियों के निशान घिस चुके है
- मेहनत-मजदूरी करने वालों के फिंगरप्रिंट मशीन नहीं पकड़ पाती
- कई बार मशीन फेल होने से लोगों को राशन के बिना लौटाना पड़ता है
इन सभी समस्याओं को देखते हुऎ सरकार ने अब बड़ा बदलाव करने का निर्णय लिया है।
अब अंगूठा नहीं, चेहरे से होगी पहचान
नई व्यवस्था में Face Authentication लागू किया जाएगा।
- अब हितग्राहियों की पहचान
- चेहरे की पहचान से होगी
- पहचान होते ही POS मशीन से पर्ची कट जायेगी
- इसके बाद राशन वितरित किया जाएगा
इस बदलाव से बुजुर्गों, दिव्यांगों और मजदूर वर्ग को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
POS रसीद और SMS से होगी दोहरी पुष्टि
अब हर बार राशन वितरण पर
- POS मशीन से प्रिंटेड रसीद
- और मोबाइल पर SMS
- दोनों अनिवार्य होंगे।
इस दोहरी व्यवस्था से यह सूनिश्चित किया जा सकेगा कि राशन वितरण में किसी भी स्पतर पर गड़बड़ी नहीं पाई गई है।
देश में मिसाल बनने की तैयारी
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अनुसार,
- फेस ऑथेंटिकेशन
- GPS ट्रैकिंग
- SMS अलर्ट सिस्टम
इन तीनों को एक साथ लागू करने वाला राज्य मध्यप्रदेश, भारत का पहला राज्य बन सकता है।
इसके लिए टेक्निकल और कंट्रोल सिस्टम लगभग तैयार है।
2-3 महीनों में लागू होगा नया सिस्टम
विभाग की अधिकारियों का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही अगले दो से तीन महीनों में यह नई व्यवस्था पूरे प्रदेश में लागू कर दी जायेगी।
निष्कर्ष
नई तकनीकी व्यवस्था से一
- राशन चोरी पर रोक लगेगी
- बुजुर्गों को फिंगरप्रिंट समस्या से राहत मिलेगा
- हितग्रहियों को पूरा और सही राशन मिल सकेगा
यह नया बदलाव उन सभी लाखों परिवारों के लिए राहत भरा साबित हो सकता है, जो अब तक राशन कटौती और टेक्निकल दिक्कतों से जूझ रहे थे।
