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मध्यप्रदेश सरकार ने पीएम आवास योजना के पात्र गरीबों की जमीन की रजिस्ट्री और स्टांप शुल्क अपने खर्च पर कराने का फैसला किया। |
भोपाल। Madhya Pradesh सरकार ने गरीब परिवारों को बड़ी राहत देते हुऎ यह ऐलान किया है कि अब प्रधानमंत्री आवास योजना के सभी पात्र हितग्राहियों की जमीन की रजिस्ट्री राज्य सरकार अपने खर्च पर करवाएगी। इस फैसले से उन हजारों परिवारों को फायदा मिलेगा जो जमीन के वैध दस्तावेज नहीं होने के कारण योजना का लाभ लेने से वंचित रह जा रहे थे।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इस उद्देश्य के लिए करीब 6 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
विधानसभा में उठा था मुद्दा
यह मामला विधानसभा में उठा था। कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा की पहले प्रधानमंत्री आवास योजना में जमीन की रजिस्ट्री अनिवार्य नहीं थी लेकिन नए नियम लागू होने के बाद गरीबों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
उन्होंने मांग की कि सभी पात्र परिवारों को राहत दी जाए। इस मांग का समर्थन सागर से भाजपा विधायक शैलेंद्र जैन ने भी किया।
सरकार उठाएगी रजिस्ट्री और स्टांप ड्यूटी का खर्च
राज्य सरकर ने स्पष्ट किया है कि जिन पात्र परिवारों की पास भूमि के दस्तावेज नहीं है, उनकी जमीन का पहले सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन के बाद राज्य सरकार रजिस्ट्री, मुद्रांक शुल्क और पंजीयन शुल्क का खर्च स्वयं वहन करेेगी।
यह व्यवस्था खासतौर पर उन क्षेत्रों में लागू होती है जो पहले ग्रामीण थे लेकिन शहरी सीमा में शामिल हो चूके हैं, जहां दस्तावेज प्रक्रिया अधूरी रह गई थी।
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भूमि स्वामित्व की कानूनी अड़चनें होंगी दूर
सरकार का मानना है कि भूमि स्वामित्व से जुड़ी कानूनी बाधाएं प्रधानमंत्री आवास योजना में सबसे बड़ी रूकावट थी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद पात्र हितग्रहीयों को बिना किसी अतिरिक्त आर्थिक बोझ के पक्का घर मिल सकेगा।
भूमि का सत्यापन होने के बाद ही रजिस्ट्री या पट्टा जारी किया जाएगा।
पीएम आवास योजना में जमीन की रजिस्ट्री अब सरकार कराएगी, 6000 करोड़ का बड़ा प्रावधान
— MP News Media (@mpnewsmedia) February 28, 2026
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बजट 2026 की अन्य प्रमुख घोषणाएं
राज्य सरकार ने बजट में कई अन्य महत्वपूर्ण प्रावधान भी किए हैं:
- ग्रामीण क्षेत्र में भूमि मालिकाना अधिकार के लिए विशेष योजना
- मुद्रांक एवं पंजीयन शुल्क राज्य शासन द्वारा वहन
- गरीब कल्याण योजनाओं के लिए 15 हजार करोड़ रूपये से अधिक का प्रावधान
- प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी एवं ग्रामीण) के लिए 4500 करोड़ रुपये
- यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना के लिए 700 करोड़ रूपये
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बजट को "समृद्ध और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश" की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
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हजारों परिवारों को मिलेगा लाभ
सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र व्यक्ति केवल कागजी प्रक्रिया के कारण आवास योजना से वंचित नहीं रहेगा। इस फैसले से बड़ी संख्या में गरीब और सभी जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा।
